उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बी. सी. खंडूरी से देहरादून स्थित उनके आवास पर मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। यह मुलाकात भले ही पूर्व निर्धारित नहीं थी, लेकिन इसने दोनों नेताओं के बीच गहरे व्यक्तिगत संबंधों और लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दर्शाया। दशकों की जनसेवा के दौरान विकसित हुए आपसी सम्मान और सौहार्द ने इस मुलाकात को और भी खास बना दिया।

मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बी. सी. खंडूरी भारतीय सेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी रह चुके हैं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ देश की सेवा की। उनकी असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया और उत्तराखंड के विकास व प्रशासन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारियां संभालीं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में उन्होंने पहले स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और बाद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान मेजर जनरल खंडूरी ने ‘स्वर्णिम चतुर्भुज’ (Golden Quadrilateral) और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम (NHDP) को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की जिसने भारत के सड़क बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलकर रख दी।
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने लोकसभा सदस्य के रूप में मेजर जनरल खंडूरी के साथ बिताए पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने संसद में साथ काम करने की मधुर यादें साझा करते हुए एक विशेष किस्से का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री मेजर जनरल खंडूरी से तमिलनाडु की कुछ महत्वपूर्ण राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने का अनुरोध किया था, जिसे मेजर जनरल खंडूरी ने तत्परता से स्वीकार कर लिया था।
उपराष्ट्रपति ने मेजर जनरल खंडूरी के दूरदर्शी निर्णयों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे सड़कों के विस्तार ने तमिलनाडु के औद्योगिक परिदृश्य को बदल दिया। उपराष्ट्रपति ने मेजर जनरल खंडूरी के समर्थन और उनकी दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए सड़क सुधारों ने ही कोयंबटूर क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने में मदद की।
